स्थायी बंदोबस्त क्या है? Permanent Settlement in Hindi

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लॉर्ड कार्नवालिस का शासनकाल अपने प्रशानिक सुधारों के लिए हमेशा याद किया जायेगा. उसने साम्राज्य विस्तार की और अधिक ध्यान न देकर आंतरिक सुधारों की ओर विशेष ध्यान दिया. कम्पनी शासन में निष्पक्षता और दृढ़ता लाने में उसे काफी सफलता मिली. उसने कम्पनी की सेवा, लगान व्यवस्था, न्याय और व्यापार सम्बन्धी अनेकों सुधार किये. लगान व्यवस्था के क्षेत्र में उसके … Read More

1935 ई. से 1947 ई. तक भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन का इतिहास

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1935 ई. के पूर्व महात्मा गाँधी द्वारा संचालित सविनय अवज्ञा आन्दोलन की प्रगति चरम सीमा पर थी. भारतीयों को संतुष्ट करने के लिए अंग्रेजी सरकार अनेक प्रयास कर रही थी. उसी के परिणामस्वरूप 1935 ई. का भारत सरकार अधिनियम पारित हुआ. परिणामस्वरूप सविनय अवज्ञा आन्दोलन बंद हो गया. इस अधिनियम के प्रावधान के अनुसार ही 1937 ई. में निर्वाचन हुआ. … Read More

उग्रवाद का उदय (बाल, लाल और पाल) – गरम दल 1905

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1885 से 1905 तक भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन की बागडोर कांग्रेस के उदारवादी दल के हाथ में थी. 1905 ई. से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दूसरा चरण प्रारम्भ होता है, जिसे उग्रवादी युग (garam dal) की संज्ञा दी गई है. जब ब्रिटिश साम्राज्यवाद का वरदान मानने वाले तथा उनकी न्यायप्रियता में अटूट विश्वास रखनेवाले उदारवादी नेताओं का विश्वास टूटकर बिखर गया तब … Read More

बाल गंगाधर तिलक का भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन में योगदान

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भारत के राष्ट्रीय आन्दोलन के इतिहास में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का विशिष्ट स्थान है. उग्र राष्ट्रीयता सर्वप्रथम महाराष्ट्र में प्रारम्भ हुई जो तिलक जैसे कर्मठ नेता तथा देशभक्त को पाकर सारे देश में फ़ैल गई. बाल गंगाधर तिलक का बचपन तिलक का जन्मस्थान महाराष्ट्र था, जहाँ दो सौ वर्ष पूर्व शिवाजी जैसे राष्ट्र्रीय वीर का जन्म हुआ था. वे … Read More

Rowlatt Act (1919) क्या है? जानिए in Hindi

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1918 के नवम्बर मास में यूरोप का पहला महायुद्ध समाप्त हो चुका था. जर्मनी और उसके साथियों को पूरी तरह परास्त करके वह पक्ष जीत गया था , जिसका सबसे बड़ा भागीदार ब्रिटेन था. इस जीत ने भारत के वातावरण को बिल्कुल बदल दिया था. युद्ध के दिनों अँगरेज़ शासकों में जो थोड़ा-बहुत भी विनय का भाव दिखता था, विजय … Read More

यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों का भारत में आगमन

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प्राचीन काल से ही भारत का व्यापारिक सम्बन्ध पश्चिमी देशों से था. 1498ई. में Vasco-Da-Gama नामक पुर्तगाली (Portuguese) कालीकट पहुँचा (SSC Grad. 3 2003). 1500 ई. में पुर्तगाली व्यापारियों ने कोचीन में एक कोठी बनायी. 1506 ई. में गोवा नगर पर उन्होंने कब्ज़ा कर लिया. अल्बूकर्क के समय पुर्तगाली शक्ति का काफी विकास हुआ. पुर्तगालियों की बढ़ती हुई शक्ति से बीजापुर, अहमदनगर और कालीकट के शासक … Read More

Subhash Chandra Bose के विषय में रोचक जानकारियाँ

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आजादी के लिए संघर्ष के दौरान Subhash Chandra Bose के  नारे  “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा” ने करोड़ों भारतीयों के दिल में देशभक्ति की आग प्रज्वलित कर दी थी. आज भी ये शब्द आगे बढ़ने और देश के लिए कुछ करने को प्रेरित करते हैं. इस नारे  को जिन्होंने गढ़ा वह Subhash Ji एक सच्चे देशभक्त और सिद्धांतवादी … Read More