BRS Conventions – Basel, Rotterdam and Stockholm

Sansar LochanTimes of IndiaLeave a Comment

हाल ही में स्विट्ज़रलैंड के जेनेवा शहर में बेसल संधि की 14वीं, रॉटर्डम संधि की 9वीं तथा स्टॉकहोम संधि की 9वीं बैठक सम्पन्न हुई. इस बार बैठक की थीम थी – “स्वच्छ ग्रह, स्वस्थ लोग : रसायनों एवं अपशिष्ट का सही प्रबंधन / “Clean Planet, Healthy People: Sound Management of Chemicals and Waste”.

ये संधियाँ क्या हैं?

बेसल संधि

  • इस संधि को 22 मार्च 1989 को हस्ताक्षर के लिए रखा गया था.
  • इस पर कुल मिलाकर 187 देशों ने हस्ताक्षर किये हैं.
  • हैती और अमेरिका ने संधि पर हस्ताक्षर कर दिए हैं परन्तु स्वीकृत नहीं किया है.
  • यह संधि 5 मई, 1992 से लागू है.
  • यह एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है जिसका उद्देश्य खतरनाक कचरे को एक देश से दूसरे देश ले जाने की गतिविधियों को घटाना है. इसमें इसपर विशेष बल दिया गया है कि विकसित देशों से अल्प-विकसित देशों तक ये खतरनाक कचरे नहीं पहुँचे.
  • जिन कचरों को यह संधि रोकती है उनमें रेडियोधर्मी कचरे को शामिल नहीं किया गया है.
  • संधि का उद्देश्य उत्पादित कचरे की मात्रा और विषाक्तता को कम से कम करना है जिससे कि उनका प्रबंधन पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित हो.
  • बेसल संधि खतरनाक कचरे के सुचारू प्रबंधन के लिए अल्पविकसित देशों को सहायता देने का प्रावधान भी करती है.

रॉटर्डम संधि

यह संधि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में कुछ हानिकारक रसायनों एवं कीटनाशकों की आवाजाही से संबधित है. यह संधि न केवल मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को सुरक्षित करने के अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों को बढ़ावा देती है, अपितु देशों को यह निर्णय लेने की स्वतंत्रता देती है कि वे संधि-पत्र में अनुसूचित खतरनाक रसायनों और कीटनाशकों के आयात के विषय में उचित निर्णय लें.

स्टॉकहोम संधि

यह एक वैश्विक संधि है जो जैविक प्रदूषण तत्त्वों से सम्बंधित है. इसमें मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए अत्यंत खतरनाक और बहुत समय तक चलने वाले रसायनों के उत्पादन, प्रयोग, व्यापार, विमुक्ति एवं भंडारण को सीमित करने तथा अंततोगत्वा समाप्त करने पर बल दिया गया है.

हाल की बैठकों के परिणाम

बेसल संधि :- इस संधि के बैठक में इन दो महत्त्वपूर्ण विषयों पर मुख्य रूप से चर्चा हुई और निर्णय लिए गये – ई-कचरे के बारे में तकनीकी दिशा-निर्देश तथा प्लास्टिक कचरे को “पहले से सूचित कर/ Prior Informed Consent – PIC” अनुमति लेने की प्रक्रिया में शामिल करना.

स्टॉकहोम संधि :- इसकी बैठक में निर्णय लिया गया कि डायकोफोल/Dicofol को अनुसूची A (विलोपन) में बिना किसी छूट के रखा जाए. इसके अतिरिक्त कुछ छूटों के साथ परफ्लूरोओक्टेनोइक एसिड/Perfluorooctanoic acid को अनुसूची A में रखने का निर्णय हुआ.

रॉटर्डम संधि :- इसकी बैठक में फोरेट और HBCD (hexabromocyclododecane) नामक दो नए रसायनों को उस सूची में जोड़ दिया गया जिसमें वर्णित रसायनों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए पहले सूचित कर के सहमति प्राप्त करना अनिवार्य होता है.

All English Newspapers are translated in Hindi here >> English Newspaper in Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published.