ब्लू फ्लैग प्रमाणन से संबंधित मुख्य तथ्य

Sansar LochanPollutionLeave a Comment

हाल ही में फाउंडेशन फॉर एन्वायरनमेंटल एजुकेशन (FEE) ने लक्षद्वीप में मिनिकॉय थुण्डी तट (minicoy thundi island) और कदमत तट (kadmat island) को ब्लू फ्लैग प्रमाणीकरण से पुरस्कृत किया है, जिसके बाद देश में ब्लू फ्लैग प्रमाण- पत्र प्राप्त करने वाले समुद्र तटों की कुल संख्या 12 हो गई है।

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ज्ञातव्य है कि “ब्लू फ्लैग सागर तट” विश्व के सबसे स्वच्छ सागर तट माने जाते हैं। इसे फाउंडेशन फ़ॉर एन्वॉयरमेंटल एजुकेशन (FEE), डेनमार्क द्वारा किया जाता है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की पात्रता प्राप्त करने के लिए, कड़े पर्यावरण, शैक्षिक, सुरक्षा-संबंधी और पहुंच-संबंधी मानदंडों की एक शृंखला को पूरा करना चाहिए और उन्हें बरकरार रखा जाना चाहिए। ब्लू फ्लैग का मिशन पर्यावरणीय शिक्षा, पर्यावरणीय संरक्षण और अन्य चिरस्थायी विकास पद्धतियों के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र में निरंतरता को प्रोत्साहन प्रदान करना है।

ब्लू फ्लैग कार्यक्रम क्या है?

  • बीचों के लिए अभिकल्पित ब्लू फ्लैग कार्यक्रम का संचालन डेनमार्क के कोपेनहेगन में स्थित “Foundation for Environmental Education (FEE)” नामक एक अंतर्राष्ट्रीय, गैर-सरकारी और लाभ-रहित संगठन करता है.
  • इसका आरम्भ सबसे पहले 1985 में फ़्रांस में हुआ था. 1987 में जाकर यह कार्यक्रम यूरोप में लागू हुआ और फिर जब इसमें दक्षिण अफ्रीका शामिल हुआ तो 2001 के पश्चात् यह कार्यक्रम यूरोप के बाहर भी कार्यशील हो गया.
  • जापान और दक्षिण कोरिया पूर्व एशिया के एकमात्र ऐसे देश हैं जहाँ ब्लू फ्लैग बीच अस्तित्व में है.
  • 566 बीचों के साथ स्पेन ब्लू फ्लैग प्रमाणपत्र के मामले में शीर्षस्थ देश है.
  • स्पेन के बाद ग्रीस और फ़्रांस का स्थान आता है जहाँ क्रमशः 515 और 395 ऐसे बीच हैं जिन्हें ब्लू फ्लैग प्रमाणपत्र मिला हुआ है.

ब्लू फ्लैग के लिए आवश्यक मानदंड

ब्लू फ्लैग का प्रमाणपत्र लेने के लिए किसी भी बीच में लगभग 33 विशेष गुण होने चाहिएँ. इनमें से मुख्य हैं – ग्रे वाटर के उपचार हेतु संयंत्र, चलंत शौचालय, सौर ऊर्जा संयंत्र, बैठने की सुविधा, CCTV, जल की गुणवत्ता के विशेष मानकों का पूरा होना, कचरा-प्रबंधन की सुविधा, दिव्यांगो के लिए अनुकूल परिवेश होना, प्राथमिक चिकित्सा का प्रबंध, बीच से पालतू पशुओं को दूर रखना. इन मानदंडों में कुछ स्वैच्छिक हैं और कुछ अनिवार्य हैं. परन्तु CRZ कानून यह कहता है कि समुद्र तट और द्वीपों में इस प्रकार का निर्माण-कार्य नहीं करने दिया जाता है.

ब्लू फ्लैग के लिए भारत में चुने गये समुद्र तट

  • भारत के 12 तटों को ब्लू फ्लैग के रूप में अभिप्रमाणन के लिए चुना गया है. इनमें से प्रमुख हैं – घोघला बीच (दिउ), शिवराजपुर बीच (गुजरात), भोगवे (महाराष्ट्र), पदुबिद्री और कसरकोड बीच (कर्नाटक), कप्पड़ बीच (केरल) आदि.
  • ओडिशा के कोणार्क के समीप स्थित चंद्रभागा बीच वह पहला बीच है जिसके लिए टैग अभिप्रमाणन प्रक्रिया पूरी कर ली गई और जो ब्लू फ्लैग पाने वाला एशिया का पहला बीच होने जा रहा है.

BEAMS (तटीय पर्यावरण एवं सुरुचिपूर्ण प्रबंधन सेवा) के बारे में

  • यह परियोजना, समन्वित तटीय प्रबंधन परियोजना (ICZM) की कई अन्य परियोजनाओं में से एक परियोजना है, जिसे भारत सरकार तटवर्ती इलाकों के सतत विकास के लिए लागू कर रही है, ताकि वैश्विक रूप से मान्य प्रतिष्ठित ईको लेबल “ब्लू फ्लैग” को हासिल किया जा सके। 
  • BEAMS कार्यक्रम का उद्देश्य तटवर्ती क्षेत्र के जल को प्रदूषित होने से बचाना, तटों पर समस्त सुविधाओं का सतत विकास, तटीय ईको व्यवस्था और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और संरक्षण करने के साथ साथ स्थानीय प्रशासन और अन्य भागीदारों को बीच की स्वच्छता और वहां आने वालों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का तटीय पर्यावरण और नियमों के अनुसार पालन सुनिश्चित करने को प्रेरित करना है। 
  • इस कार्यक्रम का लक्ष्य प्रकृति के साथ पूर्ण तादात्म्य बनाकर तटीय मनोरंजन का विकास करना है।

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