भारतीय संविधान की मूलभूत संरचना से सम्बंधित Landmark Cases

सर्वोच्च न्यायालय ने कई मामलों में बताया है कि संविधान के आधारभूत ढाँचे में कौन-कौन से तत्व उपस्थित हैं. यह सूची सर्व-समावेशी (all inclusive) या अंतिम (final) न हो कर सिर्फ examples के लिए हैं. न्यायालय समय-समय पर कुछ तत्वों को इस सूची में शामिल करता रहा है और भविष्य में भी कर सकता है. […]

विदेशी निवासियों के विशेष दर्जे (Special Statuses of Foreign Residents)

जो लोग विदेश में रहते हैं, उनको भारत सरकार नागरिकता से भिन्न एक विशेष दर्जा देती है, जिसका सम्बन्ध उस व्यक्ति को भारत सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं से होता है. विशेष दर्जों में ये तीन दर्जे महत्त्वपूर्ण हैं – अनिवासी भारतीय (NRI- Non-Residents Indians) भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO – Persons of […]

न्यायालय द्वारा जारी रिट के प्रकार – Types of Writs in Hindi

न्यायालय द्वारा जारी रिट के प्रकार – Types of Writs in Hindi

संवैधानिक उपचारों सम्बन्धी मूलाधिकार का प्रावधान अनुच्छेद 32-35 तक किया गया है. संविधान के भाग तीन में मूल अधिकारों का वर्णन है. यदि मूल अधिकारों का राज्य द्वारा उल्लंघन किया जाता है तो राज्य के विरुद्ध न्याय पाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय में और अनुच्छेद 226 के अधीन उच्च […]

भारतीय संविधान में संशोधन कैसे किए जाते हैं? Process of Amendment in Hindi

भारतीय संविधान में संशोधन कैसे किए जाते हैं? Process of Amendment in Hindi

संविधान देश की मूलभूत विधि होता है, यह राज्य के शासनतंत्र को उपबंधित करता है और सामजिक अस्तित्व के लिए एक ठोस ढाँचा प्रस्तुत करता है. किसी देश के संविधान का अपरिवर्तनशील होना उसके विकास को कुंठित करता है. प्रगतिशील समाज की आर्थिक, सामजिक और राजनीतिक समस्याओं का समाधान करने के लिए संविधान में समय-समय […]

संविधान का 74th संशोधन अधिनियम, 1992

संविधान का 74th संशोधन अधिनियम, 1992

1992 ई. में संविधान का 74वाँ संशोधन हुआ और संविधान में एक नया भाग IX A जुट गया. इसके अंतर्गत नगरपालिकाओं के संगठन एवं कार्य के सम्बन्ध में एक निश्चित दिशा-निर्देश दिया गया है. इसके अनुसार  नगरपालिकाओं की निम्नलिखित विशेषताओं का उल्लेख किया जा सकता है – Main characteristics of the municipalities according to 74th […]

मौलिक अधिकार: Fundamental Rights in Hindi

भारतीय संविधान के तृतीय भाग में नागरिकों के मौलिक अधिकारों (fundamental rights) की विस्तृत व्याख्या की गयी है. यह अमेरिका के संविधान से ली गयी है. मौलिक अधिकार व्यक्ति के नैतिक, भौतिक और आध्यात्मिक विकास के लिए अत्यधिक आवश्यक है. जिस प्रकार जीवन जीने के लिए जल आवश्यक है, उसी प्रकार व्यक्तित्व के विकास के लिए मौलिक अधिकार. […]

Background and details of Nepal New Constitution हिंदी में पढ़ें

Background and details of Nepal New Constitution हिंदी में पढ़ें

आज क्यों चर्चा में है नेपाल? Why is Nepal in news these days? 500 मील तक फैली हुई बुद्ध की भूमि नेपाल (Nepal, the land of Buddha) आज फिर चर्चा में है. भूकंप त्रासदी के बाद कई वर्षों से हो रही राजनैतिक उठा-पटक के बाद नेपाल एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के रूप में स्थापित हो गया […]