M0 M1 M2 M3 M4 मुद्रा की पूर्ति (Money Supply) के मापक

RBI (Reserve Bank of India) को कभी-कभी यह मूल्यांकन करना पड़ता है कि अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति कहाँ-कहाँ व्याप्त है? अर्थव्यवस्था में विस्तृत मुद्रा का जो स्टॉक है, वह कैसे और कहाँ circulate हो रहा है?  इस मूल्यांकन के बाद ही RBI मुद्रा आपूर्ति (money supply) को घटाने-बढ़ाने पर पॉलिसी बनाती है जिससे  उसे अर्थव्यवस्था को overall monitor करने में मदद मिलती है. Money Supply को देखकर ही RBI existing policy में change लाती है और money supply घटाती बढ़ाती है…Money Supply कैसे घटाती-बढ़ाती है, इसके लिए मैंने पहले भी आर्टिकल लिखा है, क्लिक करें.

इस टॉपिक पर आगे बात करने से पहले हमें मुद्रा आपूर्ति (money supply) के विषय में ठीक से जान लेना होगा. Money Supply अर्थव्यवस्था में प्रचलित (circulated) मुद्रा की मात्रा (amount of money) है. यहाँ पर मुद्रा का मतलब सिर्फ नोट और सिक्के से नहीं हुआ, इसमें बैंक में जमा किये गए Demand और Time Deposits, Post Office Deposits etc. शामिल हैं.

money_supply

अर्थव्यवस्था में ये मुद्रा कहाँ-कहाँ व्याप्त हैं, इसके लिए RBI code words का प्रयोग करती है= M0, M1, M2, M3, M4 (Given in NCERT, XII समष्टि अर्थशास्त्र, Page 43)

M0= पैसा जो चलन में है + बैंकों का RBI के पास deposits + RBI के साथ अन्य जमा

M1= लोगों के पास करेंसी (नोट, सिक्का आदि) + जो पैसा बैंक में जमा है (Current या सेविंग अकाउंट में) + RBI के साथ अन्य जमा

M2= M1 + Post Office में जमायें (Only Demand Deposits)

M3= M1 + बैंकों के साथ समय जमायें (Time Deposits)

M4= M3 + Post Office में जमायें (time deposit+recurring deposit) पर  National Savings Certificates को छोड़कर

1967-68 के पहलेसिर्फ “M” का प्रयोग होता था जहाँ “M”= लोगों के पास करेंसी (रुपया, सिक्का आदि) + बैंक में सावधि जमा (demand deposits) + अन्य जमा

or M=C+DD+OD जहाँ C=Currency, DD= Demand Deposit, OD=Other Deposits

1968-1977 तकM3 स्वीकार किया गया.

1977 के बादM0, M1, M2, M3, M4 जो अभी तक चल रहा है.

मापक टाइपतरलता*
M1संकीर्ण मुद्रासबसे ज्यादा
M2संकीर्ण मुद्राM1 से कम
M3व्यापक मुद्राM2 से कम
M4व्यापक मुद्रासबसे कम

1. तरलता (Liquidity) बोले तो…कितनी आसानी से आप उसे कैश में कन्वर्ट करा सकते हो.

2. M1 आपके पॉकेट में रखी हुई मनी है, आपके अकाउंट में जमा की गयी मनी है…जिसे आप जब चाहे निकाल सकते हैं. इसलिए यह सबसे अधिक तरल है.

3. M3 को Aggregate Monetary Resources ( AMR ) भी कहते हैं. यह money supply के आकलन करने के लिए सबसे उपयुक्त है क्योंकि यह सबसे अधिक व्यापक/विस्तृत है.

4. तरलता की दृष्टि से देखा जाए तो ये चारों descending order में है – m1>m2>m3>m4

5. जैसा हमने ऊपर पढ़ा कि  M4 में post office time deposit उर्फ़  fixed deposit भी शामिल है. FD तुड़वाने में काफी समय लगता है इसलिए इसको सबसे कम तरल (lowest liquidity) माना गया है.

SSC परीक्षा में आये प्रश्न:–

१. निम्नलिखित में से मुद्रा पूर्ति में सर्वाधिक तरल माप है? (SSC 2001)

a) M1

b) M2

c) M3

d) M4

२. किस संघटक को मुद्रा पूर्ति में विस्तृत मुद्रा कहा जाता है? (SSC CPO SI 2007)

a) M1

b) M2

c) M3

d) M4

 

About Sansar

संसार लोचन sansarlochan.IN ब्लॉग के प्रधान सम्पादक हैं. SINEWS नामक चैरिटी संगठन के प्रणेता भी हैं. ये आपको अर्थशास्त्र (Economics) से सम्बंधित अध्ययन-सामग्री उपलब्ध कराएँगे और आपके साथ भारतीय एवं विश्व अर्थव्यवस्था विषयक जानकारियाँ साझा करेंगे.

3 Responses to "M0 M1 M2 M3 M4 मुद्रा की पूर्ति (Money Supply) के मापक"

  1. kailash navrang   September 15, 2016 at 5:53 pm

    International trade kya hota hai ?
    Isme lenden ke liye kounsa mudra ka prayog hota hai ?

    International mmudra kya hota ?
    Please sir iske bare batane ka kripa kare

    Reply
  2. Anonymous   December 7, 2016 at 7:05 pm

    Sir pls define national income and its method.

    Reply
  3. praveen kumar   January 11, 2017 at 4:12 pm

    sir ssc question ka kya answer hai

    Reply

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