LAF क्या होता है? LAF meaning in Banking in Hindi

LAF क्या होता है? LAF meaning in Banking in Hindi

LAF का full form है – Liquidity Adjustment Facilities. आपने शायद मेरे कई पोस्ट पढ़े होंगे जिसमें मैंने RBI, money supply को कैसे कण्ट्रोल करती है जिसे हम Govt. का monitory policy भी कहते हैं. Repo Rate, Reverse Repo Rate, CRR आदि भी monitory policy के अंतर्गत आती है. इस प्रकार LAF भी एक ऐसा […]

500 रु. और 2000 रु. के आगमन से Indian Economy पर प्रभाव

500 रु. और 2000 रु. के आगमन से Indian Economy पर प्रभाव

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8.11.2016 तारीख को भारतीय मुद्रा प्रणाली में एक नया बदलाव लाया है. वहाँ अमेरिका आज वोट गिन रहा है और यहाँ भारत आज नोट गिन रहा है. सम्पूर्ण देश को संबोधित करे हुए मोदी जी ने कहा कि 11 नवम्बर की रात से भारत में प्रचालित या जमा किये […]

MSF क्या होता है? Marginal Standing Facility in Hindi

MSF क्या होता है? Marginal Standing Facility in Hindi

इस आर्टिकल को पढ़ने से पहले आशा है कि आपने रेपो रेट, एस.एल.आर. आदि के बारे में पढ़ लिया होगा, यदि नहीं पढ़ा है तो यहाँ क्लिक करें>> Repo rate, SLR, Reverse repo rate, CRR. आज हम MSF की बात करेंगे जिसका फुल फॉर्म है – Marginal Standing Facility. MSF भी बैंकिंग से सम्बंधित टर्म है. भारतीय […]

M0 M1 M2 M3 M4 मुद्रा की पूर्ति (Money Supply) के मापक

M0 M1 M2 M3 M4 मुद्रा की पूर्ति (Money Supply) के मापक

RBI (Reserve Bank of India) को कभी-कभी यह मूल्यांकन करना पड़ता है कि अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति कहाँ-कहाँ व्याप्त है? अर्थव्यवस्था में विस्तृत मुद्रा का जो स्टॉक है, वह कैसे और कहाँ circulate हो रहा है?  इस मूल्यांकन के बाद ही RBI मुद्रा आपूर्ति (money supply) को घटाने-बढ़ाने पर पॉलिसी बनाती है जिससे  उसे […]

BASEL 3 Norms Tier 1 Tier 2 Meaning in Hindi

BASEL 3 Norms Tier 1 Tier 2 Meaning in Hindi

इस आर्टिकल में हम Basel Norms III और Tier 1 और Tier 2 के विषय में जानेंगे. शायद आपने पिछले आर्टिकल जो CRAR से सम्बंधित था, वह पढ़ लिया होगा. नहीं पढ़ा तो क्लिक करें. BASEL क्या है? What is BASEL? BASEL Switzerland के एक शहर का नाम है. BASEL norms की शुरुआत 1988 में की […]

CRAR CAR Capital to Risky Asset Ratio or Capital Adequacy Ratio in Hindi

CRAR CAR Capital to Risky Asset Ratio or Capital Adequacy Ratio in Hindi

CRAR और CAR दोनों एक ही चीज है. (Full form) Capital to Risky Asset Ratio को Capital Adequacy Ratio भी कहा जाता है.  विश्व में जब भी आर्थिक मंदी आई है उसकी बहुत बड़ी वजह बैंक का अपने औकात से अधिक लोन बाँटना मुख्य कारण रहा है. शायद आपको  September 15, 2008 में फाइनेंसियल सर्विस […]

भारत में लोन के प्रकार

भारत में लोन कितने प्रकार के दिए जाते हैं, इस आर्टिकल में हम उसी विषय पर चर्चा करेंगे.

भारत में लोन के प्रकार

आज हम भारतीय बैंकों द्वारा दिए जाने विभिन्न लोन की चर्चा करेंगे. इंसान को लोन की जरुरत तब पड़ती है जब उसकी आवश्यकता स्वयं के द्वारा कमाए हुए पैसे से पूरी नहीं हो पाती. विभिन्न बैंक जैसे SBI, PNB, HDFC, Bank of India, Axis bank etc. आपको आपके जरुरत के हिसाब से लोन मुहैया कराती […]

चेक के प्रकार: Types of Cheques कितने हैं?

चेक के प्रकार: Types of Cheques कितने हैं?

चेक क्या है- What is Cheque? चेक एक कागज़ है. है न? कागज़ ही तो है. भले ही उसकी वैल्यू लाखों की हो सकती है….पर चेक एक कागज़ ही है…ठीक नोट की तरह….पर परीक्षा में ऐसे लिखिएगा तो आपको जीरो मार्क्स मिलेंगे. परीक्षा में ऐसे लिखना होगा:—- चेक बैंक द्वारा अकाउंट होल्डर को दिया जाने […]

Types of Bank Accounts in Hindi

Types of Bank Accounts in Hindi

आज हम बैंक में खातों के कितने प्रकार (types of accounts in bank) होते हैं, उसके विषय में चर्चा करेंगे. बैंक के खाते चार प्रकार (four types) के होते हैं:- 1) चालू खाता – Current Account 2) बचत खाता- Savings Account 3) आवर्ती जमा खाता- Recurring Deposit Account 4) सावधि जमा खाता- Fixed Deposit Account 1. […]

Payment Bank से सम्बंधित सभी जानकारियाँ Concept and Features

Payment Bank से सम्बंधित सभी जानकारियाँ Concept and Features

2015 वर्ष के अगस्त महीने में RBI ने 11 संस्थाओं को पेमेंट बैंक (Payment Bank) के लिए सैधांतिक मंजूरी दी थी जिसमें बड़े-बड़े नाम थे- रिलायंस इंडस्ट्रीज, आदित्य बिड़ला, टेक महिंद्रा इत्यादि. आज हम पेमेंट बैंक है क्या उसके विषय में चर्चा करेंगे. 2013 में नचिकेत मोर (Nachiket Mor) जो स्वयं RBI के बोर्ड मेम्बर थे, उन्होंने […]